
बुधवार को राजेश शर्मा, वाणिज्य निरीक्षक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को जी.एम.सिंह, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक(कोचिंग) दिल्ली मंडल का टेलीफोन संदेश मिला जिसमें अमरीकी नागरिक डीरक एवं म्यूलर के द्वारा अंतराष्ट्रीय टूरिस्ट ब्यूरों, नई दिल्ली स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उन्हें इन पर्यटकों को यथासंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए । इस संदेश को प्राप्त करने के पश्चात राजेश शर्मा, वाणिज्य निरीक्षक तत्काल कार्रवाई करने के लिए दोनों पीड़ीत से अंतराष्ट्रीय टूरिस्ट ब्यूरों में मिले । उन्होंने बताया कि वे दिल्ली के आई जी आई एयर पोर्ट पर उतरने के पश्चात एक व्यक्ति ने उन्हें टैक्सी लेने के लिए कहा । उन्होंने इस व्यक्ति के माध्यम से टैक्सी होटल जाने के लिए किराये पर ली । वह व्यक्ति भी टैक्सी में ड्राईवर के साथ बैठ गया । रास्ते में इस
व्यक्ति ने पर्यटकों को बताया कि स्वाईन फ्लू महामारी के कारण सभी होटल बंद है
और गाड़ी सेवा रोक दी गई है । उसने उन्हें कहा कि वे भ्रमण के लिए टैक्सी किराये
पर ले सकते है । पर्यटकों को अश्वस्त करने के लिए झूठ मूठे होटल से बात की और
उनको भी फोन पर होटल के स्टाफ ने होटल बंद होने की बात कही । उन्होंने यह भी कहा
कि स्वाईन फ्लू महामारी के कारण दिल्ली में भी होटल बंद है।इसके पश्चात टैक्सी
ड्राईवर उन्हें "टूरिज्म आफिस" इनक्रेडीवल टूर
डेस्टीनेशन सैंटर (आईटीडीसी ) दुकान नं.
12, गोल मार्किट, नई दिल्ली ले गए । इस एजेंसी का रेलवे
से किसी प्रकार संबंध नही है । टूरिज्म कार्यालय में उन्हें बताया गया कि शहर स्वाईन
फ्लू महामारी के कारण बंद है । एजेंसी ने उनसे आगरा,
जयपुर आदि का भ्रमण करवाने के नाम पर 66,000/-रु.ले लिए । टूरिज्म
कार्यालय के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि वे भारत सरकार के लिए कार्यरत है।
इसके पश्चात इन पर्यटकों को कार से आगरा भेजा गया लेकिन होटलों ने उन्हें स्थान
देने से मना कर दिया । इसके पश्चात इन्होंने अपनी एम्बेसी से बात करी तो उन्होंने
उन्हें तुरंत दिल्ली लौट आने के लिए कहा । वे रेलगाड़ी से वापिस आ गए । दिल्ली
पहुंचने पर उनके होटल ने बताया कि उनका आरक्षण रद्द नहीं हुआ है । उन्होंने होटल में कमरा लेने के बाद नई दिल्ली स्थित
अंतराष्ट्रीय टूरिस्ट ब्यूरों कार्यालय से संपर्क किया । शिकायत प्राप्त होने
के पश्चात राजेश शर्मा, वाणिज्य निरीक्षक, नई दिल्ली ने उक्त टूरिज्म एजेंसी
के कर्मचारियों से बात की और उन्हें कहा कि यदि वे पर्यटकों की धनराशि वापिस नहीं
करेगें तो यह मामला पुलिस को सौंप दिया जाएगा । इससे टूरिज्म कार्यालय के
कर्मचारी घबरा गए व इसके दुष्परिणाम के डर से पर्यटकों को धनराशि वापिस कर दी ।
रेल कर्मचारियों के द्वारा समय पर कार्रवाई करने के कारण पर्यटकों की राशि वापिस
हो सकी और देश पर धब्बा लगने से बच गया । अरुन अरोरा, मंडल रेल प्रबंधक, नई दिल्ली ने कर्मचारियों के द्वारा समय पर कार्रवाई करके पर्यटकों की मदद करने के लिए बधाई दी जबकि शिकायत रेलवे से संबंधित नहीं थी । |



