राष्ट्रीय (29/03/2015) 
बिना टिकट यात्रा करने के 367 मामले पकडे गए
बिना टिकट यात्रा ऐसी बुराई है  जिससे न केवल रेलवे के राजस्व की हानि होती है अपितु वैध टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के अधिकारों का हनन भी होता है। इसके अलावा रेल डिब्बों में  बिना बुक किए सामान के कारण रेल डिब्बों मे यात्रियों की आवाजाही में बाधा  होती है ।दिल्ली मंडल, उत्तर रेलवे निरंतर टिकट चैकिंग स्टाफ और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की विशेष टीमों का गठन करके और बस छापे और औचक जाँच का आयोजन के माध्यम से इस बुराई से लड़ने के लिए प्रयास कर रहा है। इसके अलावा रेलवे मजिस्ट्रेट के छापो के द्वारा भी बिना टिकट यात्रा की बुराई पर लगाम लगाने के लिए जाँच का आयोजन करती है ।इस अभियान के अन्तगर्त दिनांक 27.03.2015 को एक विशेष जांच बस से NangloiNangloi  रेलवे स्टेशन पर 40 टिकट जांच और आरपीएफ स्टाफ की एक टीम ने किया जिसमें बिना टिकट यात्रा/ बिना बुकिंग सामान  के 367 मामले पकड़े गए जिनसे कुल  1,20,190 / -रू. की राशि किराया और दंड के रूप में बसूले गए ।
अरून अरोरा, मंडल रेल प्रबंधक, उत्तर रेलवे,  दिल्ली मंडल ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में  बिना टिकट यात्रा करने और बिना बुकिंग सामान ले जाने  को रोकने के लिए गहन जांचें कीजाए ।
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