राष्ट्रीय (28/03/2015) 
केजरीवाल का एक और स्टिंग सामने आया
केजरीवाल का एक और ऑडियो स्टिंग सामने अाया है,यह स्टिंग केजरीवाल और उमेश सिंह के बीच हुई बातचीत का है जिसमे केजरीवाल अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओ प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव को गालिया दे रहे है , इस स्टिंग में केजरीवाल ने सालो और कमीने जैसे शब्दों का उपयोग किया है,

उमेश सिंह आम आदमी पार्टी के बिहार के सह सह-पर्यवेक्षक हैं,

क्या-क्या बाते हुई इन दोनों के बीच आइये बताते है आपको........
केजरीवाल- हां तो बताओ…क्या करना चाहिए तुम्हारे हिसाब से
 
उमेश- अब तो सर चीजें कहां तक पहुंची हैं ये तो कुछ आइडिया नहीं लग पा रहा है लेकिन ये है कि मैं एक चीज बस जानता हूं कि आपमें वो कैपेबिलिटी है कि आप अगला बड़ा काम कर सकते हो और ये भी देख रहा था कि कुछ लोगों की महती भूमिका आपके साथ हो सकती है. वो योगेंद्र, प्रशांत, आनंद सारे लोगों की.. और सब लोग आपको नेता मानते हैं इसमें भी मैंने कभी कोई दो राय नहीं पाया है.
 
दूसरी टीम मैं मानता हूं कि उन लोगों की तुलना में उतनी काबिल नहीं दिख रही है.
 अब लीडर का मतलब है कि वो विभिन्न धारा के लोगों को खींचकर आकर्षित करके एक साथ लेकर चलें
अगर ये चीज डेवलप है और आपने कर ली तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि इस देश में वैक्यूम है.
मोदी के बस की चीज नहीं है उसे आपने दिल्ली में हराके दिखा दिया. आप उससे बड़े नेता बनकर उभर सकते हो. जहां तक चुनाव या संगठन विस्तार की बात है.. ये सब चीजें जिस राज्य में जब चुनाव घोषित हो तब तय की जाए.... आप भरोसा रखो.. मैं उनलोगों से भी मिलता हूं..कभी भी उन्होंने ये नहीं सोचा होगा कि अरविंद को हटाकर हमें लीडर बनना है.
 
अरविंद को आगे करके वो सपोर्ट करना चाहते हैं और कुछ चीजों में मैं ये मानता हूं कि प्रशांतजी की जिद रहती है कि भाई ये चीजें हैं तो ऐसे चलनी चाहिए… लेकिन ये भी मैं जानता हूं कि आप इस लोकसभा चुनाव के पहले तक प्रशांतजी को कैसे मैनेज कर लेते रहे हैं
केजरीवाल- हूं
 
उमेश सिंह- तो कहीं मुझे कोई प्रॉब्लम दिख नहीं रही है बहुत अच्छा है
लेकिन ये है कि बस अब आपको अलग रखे हैं शायद मुझे लग रहा है इसी लिए दिक्कत हो रही हैआप अपने को इनवॉल्व कीजिए प्लीज
और मैंने कई बार आपसे कहा
 
केजरीवाल- मैं इस लड़ाई-झगड़े के लिए नहीं आया था. मेरा कोई इंट्रेस्ट नहीं है इसमें आप प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के साथ मिलकर काम कीजिए.. आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं.. मैं इस लड़ाई-झगड़े के लिए नहीं आया था
अगर जरूरत पड़ी तो मैं आम आदमी छोड़कर अलग पार्टी बनाने की सोच रहा हूं.. आप लोग संभालिए आम आदमी पार्टी.. बहुत अच्छी टीम है प्रोफेसर आनंद कुमार..
 
पिछले चार दिन में प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा ने जो कमीनपंथी करी है… मतलब इतना कमीना. उन्होंने कहा कि आरटीआई लागू करो…हमने कहा ठीक है तैयार हैं बातचीत चल रही है अभी दोनों गुटों मेंउन्होंने कहा वॉलिंटियर्स पार्टी में…सारी बातें उनकी मान ली. अब कल वो कहते हैं ये तो हम बारगेनिंग कर रहे थे हमारा इन चीजों में तो इंट्रेस्ट ही..
 
इतने कमीने हो तुमलोग क्या बारगेनिंग कर रहे हो तुमलोग, इतने घटिया किस्म के इंसान हो तुमलोग, जो कम कैपिबिलिटी वाली हमारी टीम कह रहे हो ना तुम लोग ये प्योर आदमी हैं हमारे,.हमारे में क्षमता कम हो सकती है लेकिन हम दिल के काले नहीं हैं
ये लोग दिल के काले और ये लोग एक नंबर के कमीने लोग हैं तो आपको शुभकामनाएं 
 
उमेश- सर.. ऐसा मत समझिए
 
केजरीवाल- नहीं-नहीं सुनिए....मेरे को इसके ऊपर अभी कोई और चर्चा नहीं करनी है इसलिए मैंने अलग कर रखा है, अब ये देख लेते हैं क्या करना है नहीं तो मैं 67 एमएलए लेकर अलग हो जाऊंगा..आप लोग चलाइए आम आदमी पार्टी.. मेरे को कोई लेना-देना नहीं है आम आदमी पार्टी से.
 
उमेश- बात ये मेरी-आपकी नहीं है सर
बात इस देश की है…
 
केजरीवाल- ये क्या तमाशा है आपका कि सारे मिलकर चलो
उनसे जाकर बात करो ना..उन सालों ने हराने में.. तुम्हारी अच्छी टीम जो कह रहे हो.. उन्होंने हराने में हमें कोई कसर नहीं छोड़ी दिल्ली चुनाव के अंदर.. उनको साथ लेकर चलें.. किसी और पार्टी में होते उनके पीछे लात मारकर पार्टी से बाहर निकाल देते सालों को..
कमीने लोग हैं वो एक नंबर के.. पता नहीं है तुम्हे वो लोग क्या हैं..
 
उमेश- सर इतना नजदीक से तो मैं नहीं देख पा रहा हूं..
केजरीवाल-तो फिर मत बोलिए अगर नहीं देख पा रहे हैं तो
ठीक है..
उमेश-सॉरी सर अगर मेरी बात से.....

लेकिन जब योगेन्द्र यादव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा की केजरीवाल मुझे बड़ा भाई मानते थे, आज छोटे भाई ने मुझे गाली दी है मुझे कोई शिकायत नहीं है,केजरीवाल को नहीं पता था की उनका स्टिंग हो रहा है 
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