विशेष (29/01/2023)
पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ महानिदेशक आयकर डॉ. साधना शंकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'वà¥à¤¹à¥‡à¤¨ दे कनà¥à¤µà¤°à¥à¤¸à¤¡' का विमोचन समारोह हà¥à¤† संपनà¥à¤¨ ।

सूचना और पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤£ राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€, और मतà¥à¤¸à¥à¤¯ पालन, पशà¥à¤ªà¤¾à¤²à¤¨ और डेयरी, à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार, डॉ à¤à¤² मà¥à¤°à¥à¤—न ने कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚शन कà¥à¤²à¤¬, नई दिलà¥à¤²à¥€ में आयोजित à¤à¤• समारोह में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ महानिदेशक आयकर डॉ. साधना शंकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• वà¥à¤¹à¥‡à¤¨ दे कनà¥à¤µà¤°à¥à¤¸à¤¡ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• का विमोचन किया। राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानवाधिकार आयोग के पूरà¥à¤µ सदसà¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤®à¥‚रà¥à¤¤à¤¿ à¤à¤® à¤à¤® कà¥à¤®à¤¾à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ अतिथि थे। दरà¥à¤¶à¤•ों के बीच अचà¥à¤›à¥€ तरह से उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ समारोह में लेखक, लेखक और सिविल सेवक थे। पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• लेखक साधना शंकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित लेखों और बà¥à¤²à¥‰à¤— पोसà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ का à¤à¤• संगà¥à¤°à¤¹ है। सरल, आकरà¥à¤·à¤• और आकरà¥à¤·à¤• शैली में लिखे गठलेख हमारे समय का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब हैं। वे समकालीन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ और विचारों से निपटते हैं जो हमारे जीवन को बदल रहे हैं। पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• लेखक डॉ साधना शंकर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤•ाशित लेखों और बà¥à¤²à¥‰à¤— पोसà¥à¤Ÿà¥‹à¤‚ का à¤à¤• संगà¥à¤°à¤¹ है। सरल, आकरà¥à¤·à¤• और आकरà¥à¤·à¤• शैली में लिखे गठलेख हमारे समय का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब हैं। वे समकालीन मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ और विचारों से निपटते हैं जो हमारे जीवन को बदल रहे हैं। राजà¥à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ ने लेखक के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ की सराहना करते हà¥à¤ संगà¥à¤°à¤¹ के कà¥à¤› लेखों का उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने आगे कहा कि लेखन ने लोगों और संसà¥à¤•ृतियों के बीच समठपैदा करने और हमारे समय को कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤ˆ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के बारे में बताते हà¥à¤ कहा कि इसमें कई à¤à¤¸à¥‡ विषयों को शामिल किया गया है जो वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में पà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤‚गिक हैं, विशेष रूप से पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी, कोविड, परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ और यातà¥à¤°à¤¾ के बारे में। पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• à¤à¤• चौकस और बोधगमà¥à¤¯ आंख, और à¤à¤• लेखन शैली को पà¥à¤°à¤•ट करती है जिसे पढ़ना आसान है। चार खंडों में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• की बातचीत बहà¥à¤†à¤¯à¤¾à¤®à¥€ है। पहला खंड 'à¤à¤• दृशà¥à¤¯ के साथ कमरा' उन विचारों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब लाता है जो अकेलेपन से लेकर जीवन को कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤•ल करने की ललक, खाली घोंसला और लिंग की गतिशीलता तक हैं। अगला 'द मेटावरà¥à¤¸ बेकॉनà¥à¤¸' हमारे दैनिक जीवन पर पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पर à¤à¤• टेक है। तीसरा 'जब वायरस हमला करता है' लेखों की à¤à¤• शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला है जो हमारे जीवन के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पहलà¥à¤“ं पर कोविड के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤•ल करता है। अगला खंड 'वे कà¥à¤¯à¤¾ देखते हैं' आकरà¥à¤·à¤• है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे à¤à¤¸à¥‡ लेख हैं जो कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ से उपजे हैं। अंतिम "आप आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ करते हैं कि जादू कà¥à¤¯à¤¾ है 'यातà¥à¤°à¤¾ पर रहता है। यह आखिरी हो सकता है, लेकिन इस संगà¥à¤°à¤¹ में यातà¥à¤°à¤¾ लेखन का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ अलग है। लेखिका डॉ साधना शंकर ने बà¥à¤¯à¥‚रो चीफ विजय गौड़ को बताया कि यातà¥à¤°à¤¾ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• कहानीकार बना दिया है, और आज पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी में तेजी से हो रहे बदलाव ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• लेखक के रूप में सबसे अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किया है। वह à¤à¤• सिविल सेवक हैं, और यह उनका छठा पà¥à¤°à¤•ाशन है। निबंध, यातà¥à¤°à¤¾ वृतà¥à¤¤à¤¾à¤‚त और लेखों के अलावा उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दो उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लिखे हैं। उनका आखिरी उपनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ 'à¤à¤¸à¥‡à¤‚डेंस' है, जो साइंस फिकà¥à¤¶à¤¨ है। दिलà¥à¤²à¥€ से बà¥à¤¯à¥‚रो चीफ विजय गौड़ की विशेष रिपोरà¥à¤Ÿ |
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