विशेष (24/09/2022)
मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾' की जगह नहीं ले सकती कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾: पà¥à¤°à¥‹. दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€

गà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥€, 24 सितंबर। "कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ की जगह नहीं ले सकती। हम अपनी मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ में सोचते हैं और उस पर हमारा सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• अधिकार होता है। मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ में सोचने और बोलने से अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में आसानी होती है और हमारा आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ à¤à¥€ बढ़ता है।" यह विचार à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जन संचार संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨, नई दिलà¥à¤²à¥€ के महानिदेशक पà¥à¤°à¥‹. (डॉ.) संजय दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ ने गà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥€ में आयोजित à¤à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• विमोचन कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के दौरान वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ असम विधानसà¤à¤¾ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨ सचिव हेमेन दास ने की। असम में मीडिया के 175 वरà¥à¤· से अधिक पूरà¥à¤£ होने के अवसर पर आयोजित इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का आयोजन 'महाबाहू' संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤à¤µà¤‚ मलà¥à¤Ÿà¥€à¤•लà¥à¤šà¤°à¤² à¤à¤œà¥à¤•ेशनल डेवलेपमेंट टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संयà¥à¤•à¥à¤¤ रूप से किया गया। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में à¤à¤²à¤¿à¤œà¤¾à¤¬à¥‡à¤¥ डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• 'द होल वरà¥à¤²à¥à¤¡ किन: ठपायनियर à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤‚स अमंग रिमोट टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¬à¥à¤¸, à¤à¤‚ड अदर लेबरà¥à¤¸ ऑफ नाथन बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨' के रिपà¥à¤°à¤¿à¤‚टेड वरà¥à¤œà¤¨ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर असम की पहली मासिक समाचार पतà¥à¤°à¤¿à¤•ा 'ओरà¥à¤¨à¥‹à¤¦à¥‹à¤ˆ' का डिजिटल संसà¥à¤•रण à¤à¥€ लॉनà¥à¤š किया गया। समारोह के मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि के रूप में विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‹. दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ ने कहा, "लोग कई à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤à¤‚ सीख सकते हैं, लेकिन उनकी à¤à¤• ही मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ हो सकती है जिसमें वे सोचते हैं, सपने देखते हैं और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को महसूस करते हैं। अपनी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ सबसे शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ उपकरण है।" अपने संबोधन में डॉ. दà¥à¤µà¤¿à¤µà¥‡à¤¦à¥€ ने सांसà¥à¤•ृतिक विविधता और विरासत के संरकà¥à¤·à¤£ में मातृà¤à¤¾à¤·à¤¾ के महतà¥à¤µ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाश डाला। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि, "गà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¾à¤Ÿà¥€ में घूमते हà¥à¤ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ यह देखकर आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯ हà¥à¤† कि कई दà¥à¤•ानों के साइनबोरà¥à¤¡ असमिया के बजाय अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में लिखे गठथे। अगर हम चाहें तो ये साइनबोरà¥à¤¡ अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ और असमिया, दोनों à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में हो सकते हैं।" आईआईà¤à¤®à¤¸à¥€ के महानिदेशक ने कहा कि असम में मीडिया के 175 वरà¥à¤· से अधिक पूरà¥à¤£ होने का अवसर असमिया साहितà¥à¤¯ और पतà¥à¤°à¤•ारिता के उन दिगà¥à¤—जों के बलिदान को याद करने का अवसर है, जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने असम में मीडिया की नींव रखी। à¤à¤¸à¥€ महान हसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण ही असम, न सिरà¥à¤« पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤¹à¤°à¥€ के रूप में सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ हà¥à¤†, बलà¥à¤•ि साहितà¥à¤¯, संसà¥à¤•ृति और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤® के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¥€ उसने अपनी अलग पहचान बनाई। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि असम की पतà¥à¤°à¤•ारिता को अब अगले 25 वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ का लकà¥à¤·à¥à¤¯ तय करना करना चाहिà¤à¥¤ उसे नठविचारों पर काम करना चाहिठऔर समाज की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का समाधान कर नई उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हासिल करनी चाहिà¤à¥¤ इस दौरान वरिषà¥à¤ पतà¥à¤°à¤•ार पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤‚त राजगà¥à¤°à¥ ने कहा, "à¤à¤¾à¤·à¤¾ हमारा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करती है और इसे किसी à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।" पूरà¥à¤µ राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सांसद कà¥à¤®à¤¾à¤° दीपक दास, वरिषà¥à¤ पतà¥à¤°à¤•ार बेदबà¥à¤°à¤¤ मिशà¥à¤°à¤¾ और अमल गोसà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ और à¤à¤¡à¤µà¥‹à¤•ेट सतà¥à¤¯à¥‡à¤¨ सरमा और डॉ. रेजाउल करीम ने à¤à¥€ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में अपने विचार वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किà¤à¥¤ |
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