
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरूवार को घोषणा की कि हॉल ही में बे-मौसमी बारिश व ओलावृष्टि के कारण फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 1000 करोड़ रूपये से भी अधिक की राशि मुआवजे के रूप में वितरित की जाएंगी जबकि पिछली सरकार ने सुखे के कारण खरीफ फसलों के लिए मात्र 123 करोड़ रूपये दिये थे। मुख्यमंत्री कालका विधानसभा क्षेत्र में स्थानीय विधायक लतिका शर्मा द्वारा आयोजित की गई एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि रबी फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की राशि 2000 रूपये प्रति एकड़ की दर से बढ़ाई गई हैं। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया हैं कि जिन्होंने किसानों की समस्या को देखते हुए तत्काल निर्णय लिया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गेहू के लिए 76 से 100 प्रतिशत नुकसान के लिए 12000 रूपये प्रति एकड़ की दर से, 50 से 75 प्रतिशत के लिए 9500 व 25 से 50 प्रतिशत के लिए 7000 रूपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाएंगा। इसी प्रकार सरसों व अन्य फसलों के लिए मुआवजा राशि नुकसान अनुसार क्रमशः 7500 से बढ़ाकर 10,000, 5000 से 7000 व 4000 से 5500 रूपये बढ़ाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अप्रैल तक विशेष गिरदावरी की रिपोर्ट आ जाएंगी और एक महीने के अन्दर-अन्दर अर्थात 15 मई तक मुआवजा हर हालात में वितरित किया जाएंगा। जबकि पिछली सरकार ने साल-साल तक मुआवजा नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि मुआवजे का कम से कम 500 रूपये का चैक दिया जाएंगा। ऐसा अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं जो पहले की सरकारों में मजाक के नाम पर दो-दो रूपये के चैक होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी को लगे कि उसके नुकसान की गिरदावरी सही ढंग से नहीं हुई हैं इसके लिए सरकार ने पहली बार विशेष हैल्प लाईन नंबर जारी किया हैं जिसका लाभ लोग उठा सकते हैं। उपस्थित लोगों ने मुख्यमंत्री की इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने आने के बाद वर्ष 2011 तक के लम्बित कृषि नलकूपों के कनैक्षन जारी किये हैं और अब शीघ्र ही 31 दिसम्बर 2012 तक के 10,000 नलकूप कनैक्षन जारी किये जाएंगे। |



